UPI कलेक्ट रिक्वेस्ट और QR कोड ठगी
आपको 'कलेक्ट रिक्वेस्ट' या QR कोड भेजकर कहा जाता है कि स्कैन करने पर पैसा आएगा। स्कैन करने पर पैसा जाता है, आता नहीं।
जन जागरूकता पहल
धोखाधड़ी हर हफ्ते नए रूप में आती है, तरीका वही रहता है। हर ठगी कैसे काम करती है, यह सरल हिंदी और अंग्रेज़ी में समझें और भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन
ठगी की रिपोर्ट कैसे करेंआपको 'कलेक्ट रिक्वेस्ट' या QR कोड भेजकर कहा जाता है कि स्कैन करने पर पैसा आएगा। स्कैन करने पर पैसा जाता है, आता नहीं।
WhatsApp या Telegram पर काम का प्रस्ताव आता है। पहले छोटी रकम मिलती है, फिर बड़ी 'जमा राशि' मांगी जाती है।
पुलिस, CBI या कस्टम अधिकारी बनकर कॉल करने वाले आपके नाम के पार्सल या केस की बात कहते हैं और वीडियो कॉल पर रोककर पैसे मांगते हैं।
ग्रुप में मुनाफे के स्क्रीनशॉट और एक नकली ऐप दिखाया जाता है जहां बैलेंस बढ़ता दिखता है। निकासी 'टैक्स' मांगकर रोक दी जाती है।
SMS में कहा जाता है कि KYC समाप्त हो गई है और खाता बंद हो जाएगा, साथ में एक लिंक या ऐप दिया जाता है।
साइबर धोखाधड़ी में वसूली लगभग पूरी तरह गति का सवाल है। खाते से निकलने के बाद पैसे के साथ असल में क्या होता है, और यह मौका घंटों में क्यों खत्म हो जाता है।
ये कॉल हैरान करने वाली हद तक एक जैसी होती हैं। क्रम एक बार समझ लें तो यह आप पर काम करना बंद कर देती है, और यही एकमात्र बचाव है जो हमेशा टिकता है।