हर प्रकार में बताया गया है कि ठगी कैसे होती है, किन संकेतों पर ध्यान देना है, और अगर हो चुकी है तो तुरंत क्या करना है।
आपको 'कलेक्ट रिक्वेस्ट' या QR कोड भेजकर कहा जाता है कि स्कैन करने पर पैसा आएगा। स्कैन करने पर पैसा जाता है, आता नहीं।
WhatsApp या Telegram पर काम का प्रस्ताव आता है। पहले छोटी रकम मिलती है, फिर बड़ी 'जमा राशि' मांगी जाती है।
पुलिस, CBI या कस्टम अधिकारी बनकर कॉल करने वाले आपके नाम के पार्सल या केस की बात कहते हैं और वीडियो कॉल पर रोककर पैसे मांगते हैं।
ग्रुप में मुनाफे के स्क्रीनशॉट और एक नकली ऐप दिखाया जाता है जहां बैलेंस बढ़ता दिखता है। निकासी 'टैक्स' मांगकर रोक दी जाती है।
SMS में कहा जाता है कि KYC समाप्त हो गई है और खाता बंद हो जाएगा, साथ में एक लिंक या ऐप दिया जाता है।
हूबहू दिखने वाली साइट पर भारी छूट, या डिलीवरी SMS में छोटी 'री-डिलीवरी फीस'।
लंबी ऑनलाइन दोस्ती के बाद कस्टम में फंसे गिफ्ट, मेडिकल इमरजेंसी या निवेश की सलाह की बात आती है।
ऐप छोटा लोन देकर आपके संपर्क और फोटो ले लेता है, फिर वसूली के नाम पर धमकाता और बदनाम करता है।